रूह को जो छू कर के गयी वो हवा कौनसी थी,
दिल में जो उतर गयी वो अदा कौनसी थी!
अंदाज़ा न लगा समंदर में उठते हुए तूफान का,
आबाद जो कर गयी वो मोहब्बत की फ़िज़ा कौनसी थी! +Pushpendra Rajput 

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